Babul tree uses in hindi | Benefits | बबूल का पेड़

Babul tree uses in hindi
Babul tree uses in hindi

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Babul tree uses in hindi – भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसका अभिप्राय यह है की भारत के नागरिक अधिकांशतः जमीन से एवं पेड़ पौधों से जुड़े हुए हैं अतः आपने कभी ना कभी तो बबूल के पेड़ को अवश्य देखा होगा आज हम बात करने वाले हैं बबूल के पेड़ के बारे में जिसमें हम आपको बबूल के पेड़ से होने वाले लाभ एवं कुछ रोगों में बबूल से होने वाले उपचार के बारे में बताएंगे। गांव में रहने वाले व्यक्ति आज भी बबूल के पेड़ से दातून करते हैं अर्थात दांत साफ करते हैं। पेड़ों की विशेषताओं के बारे में हमारे ऋषियों एवं महाऋषियों ने प्राचीन काल में ही वर्णन कर दिया था जो कि ने अपने गुणों एवं वेदों में वर्णन किया है।

बबूल की भौगोलिक संरचना | Babul tree structure

बबूल के पेड़ में अनेक प्रकार के औषधीय गुण होते हैं इसकी पत्तियां छोटी-छोटी एवं गहरी हरिराम की होती हैं एवं उसकी तने में कांटे कांटे होते हैं बबूल के पेड़ में अक्सर गर्मियों के मौसम में पीले पीले रंग के बच्चों में फूल खिला करते हैं एवं ठंड के मौसम में फूलों की जगह पर फलियां फलियाँ होती हैं , बबूल की गोंद का उपयोग भी व्यापार नहीं किया जाता है साथ ही इसकी छाल को भी अनेक प्रकार के उपयोग में लिया जाता है इस पेड़ की और भी अनेक प्रकार की प्रजातियां होती हैं।

बबूल के फायदे | Babul tree benefits in hindi

अधिक पसीना आता है तो मिलेगा बबूल से लाभ – कभी-कभी हम जब मेहनत का काम करते हैं तो हमें पसीना आता है जोकि आम बात है परंतु यदि हमें अधिक मात्रा में पसीना आता है तो भी एक चिंता का विषय है अतः अधिक पसीना आने से छुटकारा पाने के लिए हमें बबूल का उपयोग करना चाहिए इसके पत्ते का लेप लगाने से हमें पसीना आने से राहत मिलती है।

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शारीरिक जलन की परेशानी में करें बबूल का इस्तेमाल – कभी-कभी मौसम परिवर्तन के कारण या अधिक पसीना आने से हमारे शरीर में हमें जलन एवं खुजली की परेशानी हो सकती है अतः इस जलन को दूर करने हेतु भी हम बबूल का उपयोग कर सकते हैं इसके लिए हमें बबूल की छाल को पीस कर उसमें मिश्री मिलाकर कुछ ही दिन सेवन करने से जल्द ही जलन से राहत मिलती है।

बबूल के उपयोग से कमर दर्द का इलाज – आज के इस थकान भरे समय में हमें अनेक परेशानियां होती हैं जैसे कि कमर दर्द हम बबूल के पेड़ से इसको दूर कर सकते हैं इसके लिए हमें बबूल की छाल , फली और गोंद को समान मात्रा में मिलाकर इसको पीस लें फिर 1-1 चम्मच दिन में 3 बार कुछ दिनों तक सेवन करें इससे आपका कमर दर्द ठीक हो जाएगा।

बबूल के इस्तेमाल से दाद या खुजली का उपचार – बबूल के पेड़ से हम दाद खाज खुजली का उपचार भी कर सकते हैं इसके लिए बबूल के फूल को पीसकर सिरके में रख ले उसके बाद इसे दाद खुजली वाले स्थान पर लगाएं इससे हमें दाद खाज खुजली पर राहत मिलती है।

घाव को ठीक करता है बबूल – बबूल के पेड़ में पत्ते फूल फली एवं छाल सबका एक औषधीय रूप में बहुत ही महत्व है इसकी पत्ती को पीसकर लेप बनाकर घाव में लगाने से घाव जल्दी भरते हैं एवं ठीक होते हैं।

Babul tree uses in hindi | कीकर के पेड़ का उपयोग

खांसी को ठीक करने के लिए करें बबूल का प्रयोग – खांसी को ठीक करने के लिए भी हम बबूल के पेड़ का उपयोग कर सकते हैं इसमें बबूल के पत्ते एवं तने की छाल को पीसकर चूर्ण बना लेते हैं फिर  इसमें शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी में जल्द ही आराम देखने को मिलता है।

मासिक चक्र में विकार दूर करने में लाभकारी – कभी – कभी महिलाओं एवं लड़कियों में मासिक चक्र की अनियमितता आ जाती है एवं साथ ही अन्य प्रकार की परेशानी उत्पन्न हो जाती है जिसे बबूल का उपयोग करके दूर किया जा सकता है इसके लिए हमें बबूल का भुना हुआ गोंद एवं गेरू बराबर मात्रा में मिला लेना चाहिए फिर इसका नियमित मात्रा में सेवन करने से मासिक चक्र का विकार दूर होता है।

आँखों के रोग में उपयोगी – आजकल मोबाइल का उपयोग काफी बढ़ गया है जिससे कि हमारी आंखों को उससे बहुत अधिक प्रॉब्लम जाती है अतः हम बबूल का उपयोग करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, इसके लिए बबूल के पत्तों को गाय के दूध में मिला कर पीस कर रख लेना चाहिए फिर इसके बाद हमें इसे आंखों में 1-2 बूंद डालने से आंखों से संबंधित रोगों में आराम मिलता है साथ ही आंखों की सूजन भी दूर होती है।

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Conclusion –

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हमने इस Babul tree uses in hindi | Benefits | बबूल का पेड़ पोस्ट के माध्यम से सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है और अगर फिर भी आपको कुछ समझ न आया तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते हैं या फिर अपने चिकित्सक से पूर्ण रूप से परामर्श कर सकते हैं। ताकि आपको आगे कोई भी परेशानी का सामना ना करना पड़े।

कुछ प्रमुख पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequntly Asked Questions

बबूल की पत्तियां खाने से क्या होता है?

बबूल की पत्तियों को खाने से शरीर हष्ट – पुष्ट होता है शरीर में ऊर्जा आती है एवं चुस्ती – फुर्ती आती है। साथ ही इसकी पत्ती को पीसकर घाव में लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं।

बबूल की फली कब लगती है?

बबूल की फली अक्सर ठंड के मौसम में ही फलती है जबकि बबूल के पेड़ में पीले रंग का फूलों का गुच्छा गर्मी के समय पर होता है।

बबूल की फली खाने से क्या फायदे?

बबूल की फली , गोंद एवं छाल को बराबर – बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लेते हैं फिर इसके बाद 1 – 1 चम्मच दिन में 3 बार तक इसका सेवन करने से कुछ ही दिन में कमर दर्द से राहत मिलती है।

बबूल का पेड़ घर में लगाने से क्या होता है?

प्राचीन काल में इसे काटना महापाप माना जाता था यह बहुत ही पवित्र पेड़ माना जाता है जिस जगह पर यह पेड़ होता है उस जगह को पवित्र माना जाता है साथ ही इसकी पूजा भी की जाती है।

बबूल का वैज्ञानिक नाम क्या है? babul tree scientific name ?

Vachellia nilotica ( वैचोलिया निलोटिका )

बबूल की फली क्या रेट है?

बबूल की फली सामान्यतः 8 – 10 रुपये किलो में मिला जाती है आज कल इसका उपयोग पौष्टिक तत्व के रूप में किया जाता है।

बबूल का पेड़ कितने घंटे ऑक्सीजन देता है?

बबूल का पेड़ लगभग 1 घण्टे में 5 मिलीलीटर तक ऑक्सीजन देता है जबकि यह कुल 16 – 20 घंटे तक ऑक्सीजन देता है।

बबूल की गोंद कैसे खाएं?

बबूल की गोंद के हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक फायदे हैं इसको हम दही में , लड्डू बनाकर , भूनकर एवं साथ ही इसका सूप बना कर भी हम सेवन कर सकते हैं।

क्या बबूल का पेड़ ऑक्सीजन देता है?

जी हाँ बबूल का पेड़ भी ऑक्सीजन देता है और यह 1 घंटे में 5 – 6 मिलीलीटर ऑक्सीजन तक देता है।

बबूल के पेड़ में पानी देने से क्या होता है?

पैसे की तंगी को दूर करने के लिए भी लोग पेड़ में दूध चढ़ाते हैं साथ ही पेड़ को पानी देने से स्वास्थ्य अच्छा होता है।

बबूल का गोंद क्या भाव बिकता है?

बबूल की गोंद 550 – 600 रुपये किलोग्राम तक बिकती है।

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