Chui mui plant uses in hindi

chui mui plant uses in hindi
chui mui plant uses in hindi

Chui mui plant uses in hindi – अक्सर आप लोगों ने इस पौधे को देखा होगा या इसके बारे में सुना तो जरूर होगा जो छूने मात्र से सिकुड़ जाता है उसे हमारी सामान्य भाषा में छुई मुई का पौधा कहा जाता है। इसके अन्य और नाम प्रचलन में है।

अंग्रेजी में humble plant , shame plant

मराठी में – लजालू , लाजरी

संस्कृत में – अंजलिकारिक एवं नमस्कारी इत्यादि

जैसा कि इसे छूने से ही यह सिकुड़ जाती है अतः इस कारण इसे लाजवंती भी कहा जाता है।

लाजवंती के पौधे के फायदे | Benefits of chui mui plant

ग्लैंड में सूजन –  लाजवंती के नियमित सेवन से ग्लेंड  में सूजन की मात्रा कम होती है एवं  इसके पत्ते से रस निकालकर 10 से 20 एम एल सेवन करने से  गंडमाला अर्थात ग्लैंड की सूजन कम होती है।

खांसी से छुटकारा –  कभी-कभी मौसम परिवर्तन से हमें अत्यधिक खांसी होती है अतः लाजवंती की जड़ का उपयोग करने से हमें खांसी  से छुटकारा मिलता है   लाजवंती की जड़ को गले में बाँधने से हमें खांसी से छुटकारा मिलता है।

पेट फूलना एवं अपच से राहत –  कभी-कभी हम सही समय पर खाना नहीं खा पाते हैं जिससे कि हमें अपच एवं पेट फूलना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है अतः ऐसे में लाजवंती के पत्ती का रस निकालकर 5 से 10 एम एल नियमित सेवन से हमें आपस एवं पेट फूलने से राहत मिलती है।

पेचिश से छुटकारा – जैसा कि हम सब जानते हैं लाजवंती का पौधा बहुत ही औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है अतः इसकी जड़ के रस का काढ़ा बनाकर 10 से 20 एम एल सेवन से पेचिश से छुटकारा मिलता है

बवासीर में राहत – कभी-कभी हम अधिक मसालेदार एवं तीखा खाना खा लेते हैं जिससे कि हमें पेट में जलन और बवासीर या पाइल्स की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है उसमें लाजवंती के घरेलू उपाय से बवासीर या पाइल्स से हमें छुटकारा मिलता है इसके लिए हमें एक चम्मच लाजवंती के पत्ते के जून को दूध में मिलाकर सेवन किया जाता है इसका से 1 दिन में तीन बार किया जाता है जिस से बवासीर से राहत मिलती है

तनाव दूर करने में सहायक – आजकल की थकान भरी जिंदगी में अधिकांश लोगों को तनाव की समस्या होती है तो लाजवंती तनाव दूर करने में अत्याधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लाजवंती के पौधे के औषधीय गुणों का वर्णन आयुर्वेदों में मिलता है इसमें तनाव दूर करने का गुण भी पाया जाता है।

लाजवंती के पौधे के कुछ अन्य फायदे | Other benefits of chui mui plant

साँप एवं बिच्छू के काटने पर उपयोग – लाजवंती अत्यंत औषधीय पौधा है इसकी जड़ को पीसकर सेवन करने से सर्प द्वारा काटे जाने पर होने वाले जहर के प्रभाव को कम करता है एवं इसकी पत्ती एवं तने को पीसकर उस जगह पर लगाया जाता है जहां पर सर्प या  बिच्छू ने काटा हो तो इससे पीड़ा कम होती है।

अल्सर का घाव ठीक करने में उपयोगी – लाजवंती के जड़ का उपयोग अल्सर के घाव को भरने में किया जाता है जड़ को पीसकर अल्सर में लगाया जाता है जिससे कि लाभ मिलता है।

  • लाजवंती के बीज को पीसकर भी अल्सर में लगाना अत्यंत लाभदायक होता है।

घाव या चोट को भरने में उपयोग – कभी-कभी बच्चों को खेलकूद में घाव या चोट लग जाती है एवं वयस्कों में किसी भी प्रकार की चोट एवं घाव को भरने में लाजवंती का उपयोग किया जाता है इसमें लाजवंती की जड़ , भारंगी की जड़ एवं शरपुनखा की जड़ को एक समान मात्रा में लेकर पेस्ट बना लिया जाता है एवं घाव या चोट के स्थान पर लगाया जाता है। इन तीनों में से किसी एक का भी पेस्ट घाव या चोट को भरने में लाभदायक है।

ब्लीडिंग या रक्तस्राव को रोकने में – जब हमें चोट लग जाती है या कहीं पर घाव हो जाता है तो लाजवंती की जड़ को पीसकर उस स्थान पर लगाया जाता है जहां पर चोट या घाव होता है जिससे वह वहां पर होने वाले रक्त स्त्राव या ब्लीडिंग को रोक देता है।

स्तन के ढीलेपन को दूर करने में उपयोगी –  अक्सर  महिलाओं में ऐसा देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ उनमें स्तन के ढीलेपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं अतः ऐसे में लाजवंती एवं अश्वगंधा की जड़ का लेप बनाकर लगाने से स्तन के ढीलेपन में फायदा होता है।

पीरियड्स में दर्द से छुटकारा – महिलाओं एवं लड़कियों में अक्सर देखा जाता है कि मासिक धर्म के दिनों में अत्यधिक दर्द एवं चिड़चिड़ापन होता है इसके साथ – साथ अधिक रक्तस्राव की भी समस्या होती है लाजवंती के पौधे में हार्मोन्स को नियंत्रित करने का गुण पाया जाता है जिससे कि रक्तस्राव कम होता है एवं मासिक चक्र नियमित समय से होता है। अतः लाजवंती के पौधे को पीसकर 10 से 20 ml रस निकाल कर शहद , या दूध के साथ मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करने से राहत मिलती है।

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लाजवंती के पौधे का सेवन कैसे करें ?

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि लाजवंती या छुई मुई का पौधा अत्यंत औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है अतः इसकी पत्ती , तना , जड़ एवं बीज सभी में कुछ ना कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं अतः इनका अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तरीकों से सेवन किया जाता है सामान्यता इनकी पत्ती जड़ तना एवं बीज को पीसकर उपयोग में लाया जाता है इनको पीसकर शहद मिश्री या दूध में मिलाकर सेवन किया जाता है।

लाजवंती के पौधे को उगाना | how to grow Chui mui plant

लाजवंती का पौधा वैसे तो उसने एवं क्षेत्रों में उगाया जाता है परंतु आजकल इसके औषधीय गुणों को जानने के बाद सभी जगहों पर इसका उपयोग एवं इसे उगाया जा रहा है।

छुईमुई का वानस्पतिक नाम क्या है?

Mimosa pudica

स्वास्थ्य सम्बंधित अच्छी सलाह

जैसा कि आप सभी लोगों को पता है कि आजकल सभी चीजों में मिलावट होती है एवं हम घर के खाने को छोड़कर junk food खाना ज्यादा पसंद है जिससे कि हमारे स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है फिर हम एलोपैथी की दवाओं का ज्यादा उपयोग करने लगते हैं जिससे कि हमारी किडनी खराब हो जाती है एवं बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो मेरा आप सबसे बस एक ही निवेदन है कि जितना हो सके उतना ज्यादा हमें आयुर्वेद की दवाओं का सेवन करना चाहिए।

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Conclusion –

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